अचार के लिए जार या मर्तबान चुनना और खाने के समान के लिए बर्तन चुनने से बिल्कुल अलग बात है। अचार का बर्तन ही यह तय करता है कि अचार कितने दिनों तक ताजा रहेगा, स्वादिष्ट रहेगा और कब तक खराब नहीं होगा।
देखिए अचार खराब होने के कारण सिर्फ नमी और तेल नहीं होता बल्कि जिस जार या मर्तबान या जिस बर्तन में हम उसको रखते हैं वह भी बहुत जरूरी भूमिका निभाता है। अगर बर्तन का सही चुनाव किया तो बाहर की हवा नमी और बैक्टीरिया से अचार को बचा सकते हैं जिससे सुरक्षित वातावरण तैयार होता है और आचार बहुत लंबे समय तक स्वादिष्ट और सुरक्षित बना रहता है।वहीं अगर जार को सही से साफ नहीं किया या सुखाया नहीं गया या उसका ढक्कन एयर टाइट नहीं किया तो यह छोटी सी गलती अचार में फफूंदी लगने का कारण बन सकती है जिससे अचार जल्दी खराब हो सकता है।
मर्तबान चुनते समय 5 जरूरी बातें
अचार का बर्तनअचार को स्वादिष्ट और सुरक्षित बनाने में मदद करता है इसलिए चलिए जानते हैं वह पांच बातें जो आपकी सही बर्तन चुनने में मदद करेगी।
1. Material (सामग्री)
सबसे अच्छा बर्तन:
- कांच का जार
- फूड-ग्रेड सिरेमिक
कौनसे बर्तनों से बचें :
- सस्ते प्लास्टिक के बर्तन
- लोहे या एल्यूमिनियम के बर्तन
क्यों?
- देखिए कांच और सिरामिक दोनों ही किसी वस्तु के साथ रिएक्ट नहीं करने वाले हैं इसलिए अचार के साथ कोई भी रिएक्शन इन बर्तनों में नहीं होता है।
- जो बर्तनअचार के एसिड के साथ रिएक्ट करते हैं वह उसका स्वाद गुणवत्ता और अचार को खराब कर देते हैं जैसे लोहे के या एल्युमिनियम के बर्तन।
2. बर्तन का एयर टाइट होना क्यों जरूरी है?
अचार का ढक्कन एयर टाइट होना चाहिए ताकि हवा बर्तन में अंदर से बाहर और बाहर से अंदर ना जा सके।
- अगर हवा अंदर जाएगी = फफूंदी का खतरा बढ़ेगा।
- अगर जार एयर टाइट रहेगा = अंदर एक सीमित वातावरण बना रहेगा।
मतलब
ढीला ढक्कन = अचार का जल्दी खराब होना।
3. बर्तन का आकार सही होना चाहिए
आप परिवार कितना बड़ा है के हिसाब से बर्तन चुनें
- अगर छोटा परिवार है तो 500 ग्राम से लेकर1 किलो तक का जार इस्तेमाल करें।
- अगर परिवार ज्यादा बड़ा है तो बड़े जार का इस्तेमाल करें लेकिन रोज के इस्तेमाल के लिए छोटे जार को अलग रखें और उसी का इस्तेमाल करें।
क्यों?
जार को बार-बार खोलने से हवा और नमी दोनों अंदर बाहर जाती हैं जिससे वातावरण बार-बार बदलता है इसीलिए हर रोज के इस्तेमाल के लिए छोटा जार अलग से रखना ज्यादा सुरक्षित है ताकि बड़े जार को बार-बार खोल ना जाए जो कि ज्यादा सुरक्षित है।
4. बड़े मुंह वाला जार क्यों जरूरी है?
जार का मुँह थोड़ा बड़ा होना ही चाहिए
- अचार निकालना आसान हो जाता है।
- जार के अंदर सेसफाई करना आसान हो जाता है।
- हाथ या सुखी चम्मच आराम से अंदर चले जाते हैं।
इससे साफ सुथरा वातावरण रहता है और अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
5. जार के पारदर्शी होने के फायदे
- आप बाहर से ही अचार की स्थिति आसानी से देख सकते हैं परख कर सकते हैं।
- अचार में फफूंदी या अचार जल्दी खराब होने लगता है आसानी से बाहर से ही देखा जा सकता है जिससे खराब होने से पहले ही अचार को ठीक किया जा सकता है।
लेकिन ध्यान रखें
अचार के जार को सीधी धूप में लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा गर्मी से अचार की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
वह गलतियां जो लोग समझ नहीं पाते
देखिए अचार सिर्फ मसाले या तेल की वजह से खराब नहीं होताऔर भी छोटी-छोटी गलतियां हम कर देते हैं जिन्हें हम इतना छोटा समझते हैं कि ध्यान भी नहीं देना जरूरी समझते चलिए समझते हैं :
- नए जार को बिना पूरी तरीके से सुखाय उसको इस्तेमाल करना मतलब जार को धो लेना और तुरंत अचार भर देना यही सबसे बड़ी गलती होती है लेकिन नमी अंदर रह जाती है और फिर बैक्टीरिया को बढ़ाने का मौका दे देती है जिससे अचार में सफेद परत आना, बदबू आना और आचार धीरे-धीरे जल्दी खराब हो जाता है।
- ढक्कन में नमी छोड़ देना। लोग अचार के जार को अच्छे से धोते और सुखाते हैं लेकिन ढक्कन में नमी छूट जाती है जो आगे चलकर अचार को नुकसान पहुंचती रहती है।
- एक ही जार को बार-बार खोलना जिसके कारण हवा अंदर चली जाती है नामी बार-बार प्रवेश करती है और वातावरण बिगड़ जाता है और फिर अचार खराब होना शुरू हो जाता है ।
- प्लास्टिक जार को अचार के लिए लंबे समय तक इस्तेमाल करना जो की आचार के लिए बिल्कुल भी अच्छा विकल्प नहीं माना जाता क्योंकि इससे स्मेल पकड़ लेता है , एसिटिक रिएक्शन करता हैऔर क्वालिटी भी जल्दी खराब हो जाती है।
❓ अचार और जार से जुड़े सवाल
अचार के लिए कौन सा मर्तबान सबसे अच्छा होता है?
कांच का जार या चीनी बर्तन अचार को रखने के लिए सबसे अच्छा होता है क्योंकि यह अचार के साथ रिएक्ट नहीं करते और अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखते हैं।
क्या प्लास्टिक के डिब्बे में अचार रखना सही है?
देखिए लंबे समय तक प्लास्टिक का बर्तन अचार रखने के लिए सही नहीं है क्योंकि इससे अचार में स्मेल हो सकते हैं और कई बार तो केमिकल रिएक्शन भी हो सकता है।
मर्तबान का ढक्कन कैसा होना चाहिए?
देखिए ढक्कन पूरी तरीके से टाइट होना चाहिए ताकि हवा और नमी दोनों ही अंदर बाहर ना जा सके जिससे अचार खराब ना हो।
क्या धूप में रखने के लिए अलग मर्तबान चाहिए?
नहीं, लेकिन कांच का जार सबसे अच्छा होता है और ध्यान रखें की जात साफ हो और पूरी तरीके से सुखा भी हो।
क्या एक ही जार को बार-बार खोलना सही है?
नहीं, बार-बार खोलने से हवा और नमी दोनों अंदर बाहर बार-बार आती जाती है इसलिए सही यह है कि हर रोज के इस्तेमाल के लिए एक छोटा सा जार अलग से रखें।
अचार के लिए जार को कैसे तैयार करें?
अचार रखने के लिए जार को सबसे पहले पूरी तरीके से धोएं और फिर सुखाएं धूप में एक-दो घंटे रखें ताकि नमी पूरी तरीके से खत्म हो जाए फिर इस्तेमाल करें।
अचार को सुरक्षित कैसे करें?
अचार को सुरक्षित करने के लिए
- नमक सही मात्रा में रखें।
- अचार को धूप में रखें।
- ज्यादा नमी से बचाए।
- तेल की परत बनाए रखें जिस से आचार पूरी तरीके से तेल में डूबा रहे।
