अचार बनाते समय लोग तेल मसाले और धूप पर तो बहुत ध्यान देते हैं लेकिन एक चीज जिसे ज्यादातर नजर अंदाज कर देते हैं वह है नमक।
देखिए नमक अचार का स्वाद बढ़ा देता है और नमक के कारण अचार लंबे समय तक चलता है और फर्मेंटेशन लगभग लगभग नमक पर निर्भर भी करता है।
गलत नमक:
- अचार को जल्दी खराब कर सकता है।
- अचारमें फफूंदी बढ़ा सकता है।
- अचार का स्वाद बिगाड़ सकता है।
सही नमक:
- अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है।
- नुकसान देने वाले बैक्टीरिया को रोकता है।
- स्वाद को अच्छा और सही बनाता है।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे:
- अचार के लिए कौन सा नमक सबसे अच्छा है?
- सेंधा, समुद्री और आयोडीन नमक में अंतर
- कौन सा नमक avoid करना चाहिए?
- कितना नमक डालना सही है?
- नमक कम हो जाए तो क्या करें।
- नमक ज्यादा हो जाए तो क्या करें।
- और expert लोग कौन सा नमक इस्तेमाल करते हैं?
अचार में नमक इतना जरूरी क्यों है?
देखिए ज्यादातर लोग सोचते हैं नमक सिर्फ स्वाद के लिए ही डाला जाता है लेकिन इसके और भी फायदे हैं जैसे यह प्राकृतिक तरीके से प्रिजर्वेटिव का काम करता है जो नमक की उम्र को बढ़ा देता है। नमक के और भी बहुत से फायदे हैं जैसे :
- अचार डालते समय फल या सब्जी को धोने और सूखने के बाद कुछ नमी फिर भी अचार में रह जाती है जिसको नमक अचार से बाहर निकलने में मदद करता है।
- जब अचार को बनाया जाता है तो उसमें बैक्टीरिया भी उत्पन्न होते हैं जो अचार के बनने का एक प्राकृतिक तरीका है नमक बुरे बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है मतलब बुरे बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ने नहीं देता।
- फर्मेंटेशन को नमक नियंत्रित रखता है अगर फर्मेंटेशन ज्यादा हो जाए तो भी अचार खराब हो जाता है और काम हो तो भी स्वाद अचार में नहीं आ पाता है।
आप नमक को अचार का प्राकृतिक सुरक्षा कवच समझो।
अगर आप अचार को बचाने के और भी तरीके विस्तार से जानना चाहते है तो आप यहाँ क्लिक कर के आगे पढ़ सकते है।
अचार के लिए कौन सा नमक सबसे अच्छा है?
भारत में काफी सारे तरह के नमक इस्तेमाल किए जाते हैं जिसमें से ज्यादातर इस्तेमाल होने वाले जो नमक है वह है:
- साधारण आयोडीन नमक
- सेंधा नमक
- समुद्री नमक
- काला नमक
- मोटा नमक
चलिए अब इन्हें विस्तार से समझते हैं।
1. साधारण आयोडीन नमक
देखिए यह वही नमक है जो हम रोजाना खाने में इस्तेमाल करते हैं यह नमक बिल्कुल आम होता है लेकिन सबसे अच्छा नहीं होता है।
फायदे:
- यह साधारण नमक है इसलिए आसानी से आसपास की दुकानों पर उपलब्ध हो जाता है।
- साधारण होने की वजह से यह नमक बहुत सस्ता मिल जाता है।
- ज्यादातर लोग इस नमक का इस्तेमाल करते हैं इसीलिए साफ-सुथरा दिखाई देता है।
नुकसान:
- इसमें एक तो आयोडीन होता है और एंटी केकिंग एजेंट भी होते हैं जोकि नुकसानदायक है।
- कई बार देखा गया है कि आचार में प्रयोग करने के बाद अचार का रंग बदल जाता है।
- लंबे समय के लिए अचार को सुरक्षित रखने के लिए इस नमक को सही नहीं माना जाता है।
अगर कम समय वाला अचार बनाना हो तो उसके लिए यह नमक अच्छा है।
2. सेंधा नमक
लंबे समय से दादा-दादी सेंधा नमक को परंपरागत इस्तेमाल करते आ रहे हैं आज भी ज्यादातर लोग इस प्राकृतिक नमक को इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं?
- यह नमक कम प्रोसेस होता है।
- इसमें अलग से कुछ भी नहीं डाला जाता यह पत्थर का चूरा होता है।
- यह एक प्राकृतिक नमक है इसलिए फर्मेंटेशन को नेचुरल ही सपोर्ट करता है।
फायदे:
- स्वाद ज्यादा ही नेचुरल आता है।
- अचार में डालने पर अचार बहुत लंबे समय तक टिका रहता है सुरक्षित रहता है।
- सेंधा नमक में फंगस का खतरा भी बहुत कम होता है।
नुकसान:
- इस नमक को घूमने में थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि इसे पत्थर को चुरा करके बनाया जाता है।
यह बहुत अच्छा है:
- आम के अचार के लिए
- नींबू के अचार के लिए
- लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए
3. समुद्री नमक
समुद्री नमक समुद्र के पानी से बनाया जाता है और यह नमक कम शुद्ध होता है।
फायदे:
- इस नमक में मिनरल्स मौजूद होते हैं।
- प्राकृतिक टेस्ट तो आता ही है।
नुकसान:
- कुछ ऐसे समुद्री नमक होते हैं जिसमें नमी ज्यादा हो सकती है।
- यह नमक समुद्र से निकाला जाता है इसलिए इस नमक में अशुद्धि भी हो सकती है जिससे अचार जल्दी खराब हो सकता है।
4. काला नमक
काला नमक जिसका स्वाद थोड़ा अलग होता है जिसे स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है सुरक्षित करने के लिए नहीं किया जाता।
इस नमक का इस्तेमाल सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन में नमक की तरह इस्तेमाल करना ठीक नहीं होगा।
इस्तेमाल क्यों ठीक नहीं है?
- काले नमक में सल्फर के कण ज्यादा पाए जाते हैं।
- अचार के प्राकृतिक स्वाद को आसानी से बदल सकता है।
5. मोटा नमक
इस नमक को खास तौर पर अचार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसके अंदर आयोडीन और अलग से कोई तत्व नहीं होते हैं।
फायदे:
- यह नमक बहुत ज्यादा घुलनशील होता है बहुत जल्दी भूल जाता है।
- यह साफ सुथरा और पारदर्शी होता है।
- इस नमक में जो फर्मेंटेशन होती है वह सीमित रहती है इस नंबर की वजह से।
लेकिन यह नमक आसानी से भारत में हर जगह नहीं मिल पाता है।
इनमे से सबसे अच्छा नमक अचार के लिए?
सेंधा नमक + मोटा नमक = अचार के लिए सबसे बेहतर नमक रहेगा।
कौन सा नमक avoid करना चाहिए?
- काला नमक को हमें अचार के लिए बिल्कुल बचना चाहिए यह नमक अचार का स्वाद बिगाड़ सकता है क्योंकि इसमें सल्फर के कारण बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं इसको इस्तेमाल करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
- समुद्री नमक से भी बचना चाहिए क्योंकि समुद्री नमक पूरी तरीके से शुद्ध नमक नहीं होता जो आगे चल करअचार को खराब कर सकता है।
अचार में कितना नमक डालना चाहिए?
देखिए अचार बहुत प्रकार के होते हैं यह अचार के प्रकार परनिर्भर करता है इसलिए अलग-अलग विचार के लिए अलग-अलगअनुपातहोता है।
सामान्य नियम:
8% से 12% नमक ओसतन सही मना जाता है।
उदाहरण:
1 किलो आम में लगभग 80 ग्राम से लेकर 120 ग्राम तक नमक डाला जाता है।
अगर कम नमक डाला तो फंगस का खतरा बना रहेगा और ज्यादा नमक डाला तो अचार ज्यादा नमकीन हो जाएगा तो अचार का स्वाद भी बिगड़ जाएगा इसीलिए अचार में नमक उतना ही डालना चाहिए जो ना ज्यादा हो और ना कम।
फर्मेंटेशन में नमक का काम
नमक का काम अचार को नमकीन करना ही नहीं है बल्कि सुरक्षित रखना और फर्मेंटेशन को सीमित रखना भी है।
सही नमक :
- नमक हमेशा अच्छे बैक्टीरिया कोसपोर्ट करता है।
- बुरे बैक्टीरिया को अचार में बढ़ने से रोकता है।
इसीलिए पुराने जमाने से लोग पहाड़ों के पत्थरों का नमक इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि वह रिफाइन और अचार के लिए बेहतरीन होता है।
अगर आप फर्मेंटेशन के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो आप यहाँ क्लिक कर के पढ़ सकते है।
लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?
- बिना नाप-तोल के अंदाजे से नमक डाल देना।
- सिर्फ स्वाद को देख कर नमक को ज्यादा कम कर देना।
- गलत नमक का इस्तेमाल करना या घटिया गुणवत्ता का नमक इस्तेमाल करना।
- नमी वाला नमक का इस्तेमाल करना।
यही गलतियाँ हैं जो अचार को जल्दी खराब कर देती हैं।
अचार को सुरक्षित रखने के खास सुझाव
- नमक हमेशा dry spoon से निकालें
- नमक को निकलते समय हमेशा सुखी हुई चम्मच का इस्तेमाल करें।
- अगर हवा में पानी की मात्रा ज्यादा होतो सेंधा नमक का इस्तेमाल करें यह प्राकृतिक नमक है।
- अचार बनाते समय शुरू में कम नमक डालें बाद में स्वाद देखने के बाद नमक का एडजस्टमेंट करें।
❓ अचार में नमक से जुड़े सवाल
क्या आयोडीन नमक से अचार खराब हो सकता है?
कई बार देखा गया है रंग और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो जाती हैं और लंबे समय में सेंधा नमक सबसे बेहतर माना जाता रहा है।
क्या सेंधा नमक सबसे अच्छा होता है?
हां, सेंधा नमक पारंपरिक तरीके से लंबे समय से मतलब पुराने जमाने से इस्तेमाल होता रहा है और इसे सबसे बेहतर माना जाता है।
क्या ज्यादा नमक अचार को बचा सकता है?
देखिए ज्यादा नमक अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है लेकिन ज्यादा नमक की वजह से अचार का स्वाद बहुत नमकीन हो जाएगा जिस से अचार खाने लायक ही नहीं बचेगा।
क्या बिना नमक के अचार बन सकता है?
कुछ नए तरीके हैं अचार बनाने के जिसमें बिना नमक के काम चल सकता है लेकिन अगर आप को पारंपरिक स्वाद चाहिए और लंबे समय तक सुरक्षा चाहिए तो नमक को जरूरी माना जाता है।
नमक कम हो जाए तो क्या करें?
नमक कम होने पर तुरंत थोड़ा नमक मिलाए और फिर चलाएं और थोड़ा तेल भी ऐड कर दें। ध्यान रहे कि सूखी चम्मच का इस्तेमाल करे।
नमक ज्यादा हो जाए तो क्या करें?
नमक ज्यादा होने पर उसी सब्जी या फल को बिना नमक के साथ थोड़ा और हिस्सा मिलाए, मसाला और तेल को भी थोडा और डाले। कुछ मामलों में नींबू और सिरका भी नमक को सही करने में मदद करते है।
अचार को सुरक्षित कैसे करें?
अचार को सुरक्षित करने के लिए
- नमक सही मात्रा में रखें।
- अचार को धूप में रखें।
- ज्यादा नमी से बचाए।
- तेल की परत बनाए रखें जिस से आचार पूरी तरीके से तेल में डूबा रहे।
