फर्मेंटेशन क्या है और अचार में कब होती है

फर्मेंटेशन एक साधारण और प्राकृतिक प्रक्रिया है जो अपने आप शुरू हो जाती है जब सही माहौल मिलता है वैसे तो अचार के अंदर पहले से ही कुछ अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जब उन्हें सही मात्रा में नमक और सही तापमान मिलता है तो यह बैक्टीरिया अपने आप एक्टिव हो जाते हैं।

अंदर क्या होता है चलिए आसान भाषा में समझते हैं।

  • अचार में प्राकृतिक शुगर मतलब मीठापन होता है पहले से ही।
  • उसे यह बैक्टीरिया धीरे-धीरे तोड़ना शुरू कर देते हैं।
  • और फिर उसे एसिड में मतलब अम्ल में बदल देते हैं।

यही एसिड अचार को खट्टा स्वाद भी देता है और खराब होने से भी बचाता है। 

उदाहरण: 

जैसे दूध में थोड़ा सा दही डालने पर बैक्टीरिया काम करते हैं और पूरे दूध को दही बना देते हैं इसी प्रकार से अचार में भी बैक्टीरिया काम करते हैं और अचार को थोड़ा खट्टा और सुरक्षित बना देते हैं।

what is fermentation

अचार में Fermentation कब और कैसे शुरू होती है?

फर्मेंटेशन एक दम से शुरू नहीं होती है यह तब शुरू होती है जब अचार के अंदर सही माहौल बन जाता है अगर तीन चीज सही मात्रा में मिल जाए तो अचार अपने आप ही फर्मेंटेशन मोड में चला जाता है। 

1. नमी: प्रक्रिया की शुरुआत

अचार में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में पहले से ही कुछ मात्रा में नमी होती है।

यही नमी बैक्टीरिया को जगा देती है।

  • बिना नमी के बैक्टीरिया काम नहीं कर सकते।
  • ज्यादा नमी होगी तो फर्मेंटेशन तेज हो जाएगी।

2. नमक: कंट्रोल करने वाला

नमक फर्मेंटेशन के लिए सबसे जरूरी काम करता है।

  • खराब बैक्टीरिया को बढ़ाने से रोकता है।
  • अच्छे बैक्टीरिया को काम करने देने का अच्छा माहौल बनता है।

इसीलिए नमक तय करता है कि फर्मेंटेशन सुरक्षित होगा या फिर अचार खराब हो जाएगा।

  • कम नमक मतलब खराब होने का खतरा।
  • सही नमक मतलब सही फर्मेंटेशन।

3. ऑक्सीजन कम: सुरक्षित माहौल

जब अचार में तेल डाला जाता है तो तेल अचार को पूरी तरीके से डूबो देता है जिसकी वजह से अंदर बहुत कम हवा रह जाती है।

 

यह क्यों जरूरी है

  • अच्छे बैक्टीरिया ऑक्सीजन में बहुत अच्छे से काम करते हैं।
  • फंगस और खराब बैक्टीरिया जो अचार को खराब करते हैं उन्हें ऑक्सीजनज्यादा चाहिए होती है। 

पूरी प्रक्रिया कैसे चलती है स्टेप बाय स्टेप समझे।

  1. अचार में नमी होती है जिससे बैक्टीरिया जाग जाते हैं।
  2. नमक बुरे बैक्टीरिया को रोक देता है।
  3. कम ऑक्सीजन में अच्छे बैक्टीरिया बहुत अच्छे से काम करते हैं।
  4. यह बैक्टीरिया शुगर को एसिड में बदल देते हैं।
  5. जिससे आचार सुरक्षित और थोड़ा खट्टा बन जाता है खाने में अच्छा लगता है।

फर्मेंटेशन कब शुरू होती है?

देखिए अगर सब कुछ सही है तो: 

 

गर्म मौसम में =  2 से 3  दिनों में शुरू। 

ठंड में = 4 से 7 दिन लग सकते हैं।

फर्मेंटेशन अच्छा है या खराब?

यहां पर काफी लोग कंफ्यूज हो जाते हैं देखिए फर्मेंटेशन निर्भर करता है चलिए आगे समझते हैं।

अच्छी फर्मेंटेशन के संकेत :

  • हल्की खट्टी खुशबू आना।
  • स्वाद मेंबहुत अच्छाऔरबराबर खट्टापन।
  • अचार का लंबे समय तक सुरक्षित रहना।

जब फर्मेंटेशन कंट्रोल में और सही माहौल में होती है तो अचार के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है।

खराब फर्मेंटेशन के संकेत :

  • तेज बदबूजैसे कुछ सब रहा होया फिर कुछ अजीब सी गंधआना।
  • बहुत ज्यादा झाग बना और गैस बनना।
  • काली या हरी रंग की फंगस दिखाई देना।

जब फर्मेंटेशन कंट्रोल से बाहर हो जाए और गलत माहौल में होती है तो वह अचार को खराब करने लगती है।

फर्मेंटेशन और फफूंदी में क्या अंतर होता है

फर्मेंटेशन

फर्मेंटेशन अच्छी और फायदेमंद प्रक्रिया है इसमें 

  • अच्छे बैक्टीरिया काम करते हैं।
  • अचार के अंदर धीरे-धीरे बदलाव होता है।
  • मीठे पान को मतलब शुगर को एसिड में बदलती है।

नतीजा

  • अचार खट्टाऔर स्वादिष्ट बनता है।
  • अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है।

फर्मेंटेशन अचार को बचाने वाली प्रक्रिया है।

फफूंदी

फफूंदी बड़ा और नुकसान देने वाली प्रक्रिया है इसमें

  • बुरी फंगस जन्म लेती है और बढ़ती है।
  • यह हमेशा अचार केऊपर की तरफ सतह पर दिखाई देती है।
  • यह पूरे अचार को धीरे-धीरे खराब कर देती है।

नतीजा

  • अचार में जल्दी ही बदबू आने लगती है।
  • अचार का स्वाद खराब हो जाता है।
  • अचार बिल्कुल भी खाने लायक नहीं रहता है मतलब खराब हो जाता है।

फंगस अचार को खराब करने की प्रक्रिया है।

लोग यहां गलती करते हैं

लोग सोचते हैं अगर जाग दिख जाए तो इसका मतलब अचार खराब हो गया है उसमें फंगस लग गई है लेकिन ऐसा नहीं है 

  • हल्का जाग फर्मेंटेशन का हिस्सा हो सकता है।
  • लेकिन अगर बदबू आए अचार का रंग बदले तो इसका मतलब है आचार अब खराब हो गया है उसमें ज्यादा फंगस लग गई है।

फर्मेंटेशन अचार की दुश्मन नहीं है अगर सही मात्रा में हो तो सबसे बड़ी रक्षक भी है लेकिन अगर फर्मेंटेशन बहुत ज्यादा हो जाए तो वही अचार को खराब भी कर सकती है। 

अचार में फर्मेंटेशन के वैज्ञानिक प्रकार

  • बिना तेल वाले अचार जैसे नींबू गाजर मिर्च का अचार = ज्यादा फर्मेंटेशन होगा।
  • ज्यादा नमक वाले अचार में = नपा तुला फर्मेंटेशन होगा।
  • ज्यादा तेल वाले अचार में =फर्मेंटेशन काम होगा और लंबे समय तक सुरक्षित ज्यादा रहेगा।

देखिए हर आचार में फर्मेंटेशन नहीं होता कुछ लंबे समय के लिए सुरक्षित किए जाते हैं तो कुछ में फर्मेंटेशन होता है।

❓ फर्मेंटेशन और आचार से जुड़े सवाल

क्या अचार में फर्मेंटेशन होना जरूरी है?

नहीं, हर आचार में फर्मेंटेशन होना जरूरी नहीं है जैसे कुछ अचार नींबू, गाजर में फर्मेंटेशन होते हैं जबकि तेल वाले अचार में फर्मेंटेशन बहुत कम होती है।

अचार मेंफर्मेंटेशन कितने दिनों में शुरू होती है?

अगर सब कुछ सही रहे जैसे नमी, नमक, तापमान सही मिलने पर फर्मेंटेशन 2 से 5 दिनों में शुरू हो सकती है लेकिन ठंड में प्रक्रिया धीरे हो जाती है।

क्या फर्मेंटेशन और फफूंदी एक ही चीज है?

नहीं, फर्मेंटेशन एक अच्छी बैक्टीरिया की प्रक्रिया है जबकि फफूंदी अचार को खराब करती है और फर्मेंटेशन अंदर होती है जबकि फफूंदी की प्रक्रिया ऊपर दिखाई देती है।

अचार में झाग बना फर्मेंटेशन का संकेत है या खराब होने का?

हल्का झाग फर्मेंटेशन का हिस्सा हो सकता है लेकिन इसके साथ अगर अचार में बदबू और रंग बदल जाए तो यह खराब होने का सीधा-सीधा संकेत है।

क्या फर्मेंटेशन से अचार ज्यादा खट्टा हो जाता है?

हां फर्मेंटेशन जब होता है तो एसिड बनता है जिससे अचार का स्वाद थोड़ा खट्टा हो जाता है ज्यादा फर्मेंटेशन होने पर स्वाद बहुत तेज हो सकता है मतलब ज्यादा खट्टा हो सकता है।

क्या ज्यादा फर्मेंटेशन अचार को खराब कर सकता है?

हां अगर फर्मेंटेशनएक सीमित सीमा से ज्यादा हो तो अचार ज्यादा खट्टा बदबूदार और खराब भी हो सकता है।

फर्मेंटेशन को कैसे कंट्रोल करें?

फर्मेंटेशन को कंट्रोल करने के लिए

  • नमक सही मात्रा में रखें।
  • अचार को धूप में रखें।
  • ज्यादा नमी से बचाए।
  • तेल की परत बनाए रखें जिस से आचार पूरी तरीके से तेल में डूबा रहे।

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